भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ लामबंदी
अमेरिका और भारत के बीच चल रही व्यापारिक समझौते की
वार्ता के खिलाफ लोक मोर्चा पंजाब ने इस वार्ता को रद्द करने के लिए जनसभाओं का
आह्वान किया है। इन सभाओं में किसानों,
मजदूरों, युवाओं, छात्रों, शिक्षकों, किसान-मजदूर
महिलाओं और ठेका भर्ती कर्मचारियों सहित विभिन्न संगठनों के सक्रिय सदस्यों ने
हिस्सा लिया।
भारत-अमेरिका के दरमियान चल रही इस वार्ता से छंट कर
सामने आ रही बातें, होने जा रहे व्यापारिक समझौते के जनविरोधी और
देशविरोधी होने की ही पुष्टि कर रही हैं। अमेरिकी साम्राज्यवादी सरगना डोनाल्ड
ट्रंप अपने देश के गंभीर आर्थिक संकट का बोझ भारत पर थोपने के लिए साम्राज्यवादी
धौंस दिखा रहा है। वह चाहता है कि भारत द्वारा अपनी मंडी को उसके लिए पूरी तरह खोल
दिया जाए, सभी रुकावटें हटा दी जाएं और आयात-निर्यात पर टैरिफ
समाप्त कर दिए जाएं। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में आनुवंशिक रूप से संशोधित
अनाज (जो भारत में प्रतिबंधित है) जैसे मक्का,
सोयाबीन इत्याद, मवेशिओं
को मांसाहारी खुराक देकर उत्पन्न डेयरी उत्पाद और कई अन्य अनावश्यक वस्तुएं
अमेरिका से खरीदने की मांग की जा रही है। साथ ही,
उसकी मंजूरी के बिना
किसी अन्य देश, खासकर रूस,
के साथ व्यापारिक
लेन-देन करने पर भारी जुर्माने और सख्त पाबंदियों की धमकी दी जा रही है। यह वार्ता
भारत पर खुला और प्रत्यक्ष साम्राज्यवादी हमला है। भारत की भाजपा सरकार, अमेरिकी
साम्राज्यवाद की इस धौंस के सामने भीगी बिल्ली बनी बैठी है और भारतीय हकूमत की
पहले से ही चली आ रही

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