Monday, March 31, 2025

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की वापसी के लिए आवाज बुलंद करें!

 अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की वापसी के लिए आवाज बुलंद करें
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज से भारत के दौरे पर।



आज के " हिन्दू" अख़बार की खबर के अनुसार अमेरिकी सरकार का एक व्यापार सबंधित आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल पांच दिनों के लिए भारत दौरे पर रहा है। जिसका उद्देश्य भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है, जिसके तहत अमेरिकी वस्तुओं पर भारत में करों पर भारी कटौती की जाएगी। अमेरिका ने पहले ही भारत से आने वाले सामान पर 2 अप्रैल से भारी कर लगाने की तिथि  तय कर रखी है। भारत सरकार पर यह दबाव डालकर तथा उसे मजबूर करके इस समझौते को थोपा जाएगा। अपने दलाल चरित्र के चलते मोदी सरकार अमेरिकी साम्राज्य के आगे नतमस्तक है और यही कारण है कि इसके वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इस समझौते की खूबियों का बखान करते फिर रहे हैं। इस समझौते पर चर्चा करने के लिए ही वह पिछले सप्ताह अमेरिका गए थे। इस बातचीत में कृषि क्षेत्र से जुडी वस्तुऐं सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं। 

इस समझौते के अंतिम रूप ले लेने पर मांस, मेवे, अमेरिकी व्हिस्की, वसा रहित दूध, सोयाबीन, मक्का और गेहूं जैसे अमेरिकी उत्पादों के साथ-साथ पोल्ट्री और डेयरी उत्पादों पर भारत शुल्क कम कर देगा और परिणामस्वरूप ये सभी वस्तुएं भारतीय बाजार पर हावी हो जाएंगी। कई ऐसी फसलें भी हैं जिनके भारत में आयात पर प्रतिबंध है। इन वस्तुओं के लिए भी भारतीय बाजार खोलने का अर्थ है कि भारत के कृषि क्षेत्र का संकट और गहरा जाएगा। किसानों की फसलें और भी सस्ते दामों पर लूटी जाएंगी।

किसानों समेत सभी देशभक्त ताकतों को इस समझौते को लागू करने के प्रयासों के खिलाफ डट कर विरोध करना चाहिए। हमें अपनी आवाज बुलंद कर मांग करनी चाहिए कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वापस लौट जाए। देशव्यापी जन आंदोलन द्वारा मोदी सरकार पर इस तरह का समझौता करने से इंकार करने का दबाव बनाया जाना चाहिए। अमेरिकी साम्राज्यवादियों के सामने आत्मसमर्पण करने के इस देशद्रोही कदम के संदर्भ में मोदी सरकार की तथाकथित देशभक्ति को उजागर किया जाना चाहिए। साम्राज्यवादी देशों के साथ ऐसी संधियां करने से बाज आने     तथा पहले की गई राष्ट्रविरोधी संधियों को रद्द करने के लिए जोरदार आवाज उठाई जानी चाहिए।

                                                                                                        (सुर्ख लीह)

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