Sunday, March 29, 2026

ईरान पर आक्रमण के खिलाफ विश्वव्यापी जन-आक्रोश

 ईरान पर आक्रमण के खिलाफ    

                    विश्वव्यापी जन-आक्रोश




जहाँ अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए आक्रमण के खिलाफ संसार की साम्राज्यवादी पिछलग्गू सरकारों ने बेशर्मी से चुप्पी साध ली है, दबी जुबान से युद्ध की निंदा की है या हल्के बहाने बनाकर हमले का समर्थन करने का रास्ता अपनाया है, वहीं दुनिया भर के इंसाफ़पसंद और अमनपसंद लोगों ने इस धृष्ट हमले और अमेरिकी-इज़राइली गठजोड़ के खिलाफ ज़ोरदार आवाज़ बुलंद की है। केवल तीसरी दुनिया के पिछड़े देशों में, बल्कि अमेरिका और इज़राइल के अंदर भी लोगों ने युद्ध विरोधी नारे लगाए हैं। सबसे बड़े प्रदर्शन ईरान के अंदर हुए हैं, जहाँ सुप्रीम लीडर खुमैनी की हत्य के बाद लाखों लोग इस साम्राज्यवादी हमले के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। लेकिन साथ की साथ खुमैनी की मौत की खबर फैलते ही हमलावर अमेरिका के विभिन्न शहरों में भी युद्ध विरोधी प्रदर्शनों का सैलाब देखने को मिला। हजारों लोगों ने व्हाइट हाउस के पास वाशिंगटन डी.सी. और टाइम्स स्क्वायर में युद्ध विरोधी प्रदर्शन किए। इसके अलावा अमेरिका के विभिन्न शहरों जैसे अटलांटा, बाल्टीमोर, बोस्टन, शिकागो, डेनवर, लास वेगास, लॉस एंजिल्स, मियामी, सैन फ्रांसिस्को और फिलाडेल्फिया में वामपंथी संगठनों के नेतृत्व में हजारों लोगों ने युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों को संगठित करने वालों में A.N.S.W.E.R. (Act Now to Stop War and Racism) संगठन, फिलिस्तीन के लिए अमेरिकी मुस्लिम, पीपुल्स फोरम ऑफ फिलिस्तीन, फिलिस्तीन यूथ मूवमेंट, कोड पिंक, ब्लैक अलायंस फॉर पीस और डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स फॉर अमेरिका आदि संगठन शामिल थे।

इसके अलावा दुनिया भर में हुए प्रदर्शनों पर एक संक्षिप्त नज़र:

      सबसे बड़े और ज़ोरदार प्रदर्शन पाकिस्तान में हुए। कराची में अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन पर गोली चलाए जाने से तीन दर्जन के करीब लोग मारे गए। इसके अलावा लाहौर, इस्लामाबाद, फैसलाबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान आदि जगहों पर भी हजारों लोगों ने "अमेरिका की मौत" और "इज़राइल की मौत" के बैनर उठाकर प्रदर्शन किए।

      इसके साथ ही इंग्लैंड में भी 28 फरवरी को हमले के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन हुए। 7 मार्च को 50,000 से अधिक लोगों ने न्यूक्लियर हथियार विरोधी मुहिम, युद्ध रोको फ्रंट, फिलिस्तीन समर्थक फ्रंट और मुस्लिम एसोसिएशन ऑफ इंग्लैंड के आह्वान पर लंदन में प्रदर्शन किया। चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। लोगों के विरोध को देखते हुए इंग्लैंड सरकार ने 15 मार्च को फिलिस्तीन समर्थक दिवस मनाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

      ग्रीस की कम्युनिस्ट पार्टी के आह्वान पर 1300 प्रदर्शनकारियों ने राजधानी एथेंस में "ईरान से हाथ दूर हटाओ" के बैनर उठाकर प्रदर्शन किया।

      इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में अमेरिकी दूतावास के सामने हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया और मांग की कि इंडोनेशिया सरकार अमेरिका द्वारा स्थापित शांति फोरम से बाहर आए।

      इराक में हजारों लोगों ने अमेरिकी दूतावास के सामने प्रदर्शन किया और उनकी पुलिस से झड़पें भी हुईं।

      8 मार्च को मेक्सिको सिटी में अमेरिकी दूतावास के बाहर हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पुतला बनाकर उस पर जूते मारे।

      स्पेन के शहर मैड्रिड में हजारों लोगों ने 28 फरवरी को "ईरान के खिलाफ युद्ध नहीं" के बैनर तले रोष प्रदर्शन किया।

      दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में 1 मार्च को बड़ा रोष प्रदर्शन हुआ।

      तुर्की में 28 फरवरी को ही इज़मिर शहर में विशाल युद्ध विरोधी रोष प्रदर्शन किया गया।

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